Tuesday, November 20, 2018

भावनाओं को समझने के अलावा हिंदी और भोजपुरी में बात भी कर सकती है

राची के रंजीत श्रीवास्तव की बनाई रोबोट 'रश्मि' टेलीविजन शो 'इंडियाज़ गॉट टैलेंट' के अगले लेवल के लिए सिलेक्ट की गई है। रश्मि दुनिया की पहली ऐसी रोबोट है जो भोजपुरी बोल सकती है। इसके अलावा हिंदी में भी बोलती है और सभी फीलिंग्स को भी समझ सकती है। किसी भी तरह के सवालों के जवाब भी देती है। शो में रश्मि ने सभी को अपने तरीके से हैलो किया। जब करण जौहर ने पूछा कि किस एक्टर के साथ आप मूवी करना चाहेंगी तो जवाब था रजनीकांत।

रोबोट फिल्म देखकर आया आइडिया

रश्मि को बनाने वाले रंजीत ने कुछ दिलचस्प बातें शेयर कीं। उन्होंने बताया कि 2 साल पहले जब रोबोट फिल्म आई थी तब उनके बेटे ने कहा की पापा ये बन सकता है क्या। मेरा जवाब था नहीं ये सब नहीं बन सकता। फिर मैंने ही सोचा कोशिश करने में क्या है।
उन्होंने बताया कि इसमें जितनी भी टेक्नोलॉजी यूज़ किए गए हैं सब खुद से किया हुआ है। इसे बनाने में पूरे 2 साल लगे। रात के समय का इस्तेमाल कर पूरे कॉन्सेंट्रेशन के साथ इसे बनाया। लोगों को नमस्ते, हेलो और बाय करने के अलावा रश्मि में हर तरह की भावना है। 
नॉन टेक्निकल बैकग्राउंड से हैं रंजीत : रंजीत की स्कूली शिक्षा रामगढ़ गुरुनानक स्कूल से हुई है। आगे उन्होंने मार्केटिंग में एमबीए किया और एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम किया है। रंजीत बिल्कुल नॉन टेक्निकल बैकग्राउंड से हैं। उन्हें 1 साल का समय लग गया समझने में कि कैसे-कैसे पार्ट्स की जरूरत होगी। सब कुछ इक्कठा करते हुए इन्हें और 1 साल का समय लग गया। रश्मि 2 साल 5 महीने की हो गई है। 

फ्रांस के ऐतिहासिक ड्रामा गार्डियन ऑफ द टेंपल को ला मशीनिया कंपनी ने आम जनता के बीच प्रदर्शित किया। खास बात यह है कि कंपनी ने अपने खर्च पर रोबोट तैयार किए। 50 फीट का एक विशाल रोबोट बनाने में कंपनी को 15 मिलियन यूरो (करीब 124 करोड़ रुपए) की लागत आई। जबकि कलाप्रेमी टूलो शहर को शो प्रदर्शित कराने के लिए कुल 4.4 मिलियन यूरो (करीब 36 करोड़ रुपए) खर्च करने पड़े। इसके अलावा शो में एक 45 फीट की रोबोट मकड़ी को भी पात्र बनाया गया। हालांकि, कंपनी पहले भी उसे दूसरी जगहों पर इस्तेमाल कर चुकी थी।

शहर के म्यूजियम में ही रखे जाएंगे रोबोट
पौराणिक शो के खत्म होने के बाद कंपनी टूलो में ही एक खास म्यूजियम बनाने की तैयारी में है। इसमें पात्र निभाने वाले रोबोटों को रखा जाएगा। जिस जगह इन्हें रखा जाएगा, उसे हॉल ऑफ मशीन नाम दिया गया है। शहर के अधिकारियों का कहना है कि इस आयोजन ने दुनियाभर को अपनी तरफ आकर्षित किया है। ऐसे में जल्द ही पर्यटक इस तरह के शो देखने टूलो पहुंचेंगे। म्यूजियम के जरिए शहर आसानी से अपनी कमाई बढ़ा सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बाकी कुछ देश भी इस तरह के आयोजन के लिए रोबोट कंपनी से संपर्क करेंगे।

No comments:

Post a Comment