राफेल (Rafale) पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जंग जारी है. कांग्रेस इस डील में भारी घोटाले का आरोप लगा रही है तो मोदी सरकार इससे इनकार कर रही. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब रक्षा मंत्री पर हमला बोला है. राहुल गांधी ने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में झूठ बोला. निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में जवाब देने की बजाय लंबा बहाना बनाया. जब आपने ये बायपास सर्जरी की तो क्या रक्षा मंत्रालय और एयरफोर्स ने कोई आपत्ति जताई थी.
निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में झूठ बोला है. राफेल का कॉन्ट्रैक्ट 136 से घटाकर 36 क्यों किया गया. मुझे सिर्फ हां या ना में जवाब दे दीजिए कि राफेल का कॉन्ट्रैक्ट HAL से छीन कर अनिल अंबानी की कंपनी को क्यों दिया.
निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री नहीं कहना चाहिए बल्कि नरेंद्र मोदी की प्रवक्ता कहना चाहिए. देश के चौकीदार लोकसभा में आने से डरते हैं, अगर नरेंद्र मोदी जी मेरे साथ 15 मिनट डिबेट कर जाएं तो सबकुछ साफ हो जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि चौकीदार ने चोरी की है. इससे पहले विमान सौदे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार को भी छाया रहा. संसद में इस मसले जमकर हंगमा किया.
इसके अलावा, डायवोर्स सपोर्ट सर्विस एमिकेबल के मुताबिक अकेले ब्रिटेन में जनवरी के महीने में 40,500 लोग अपने कंप्यूटर सर्च इंजन में डायवोर्स लिखकर तलाश करते हैं.
जनवरी से पहले क्या होता है
एमिकेबल की सह संस्थापिका केट डैले बताती हैं, "क्रिसमस और नए साल के जश्न के मौके पर निश्चित तौर पर लोगों के अंदर इमोशंस काफ़ी बढ़ जाते हैं और कपल्स काफ़ी समय एक साथ गुजारते हैं."
हालांकि कुछ कपल्स ऐसे भी होते हैं जो अपने ख़राब संबंधों के बावजूद बच्चे और परिवार के लिए तलाक़ नहीं लेते हैं. वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो अपने संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश भी करते हैं.
अमूमन, शादी शुदा जोड़े क्रिसमस या फिर किसी छुट्टी की योजना बनाते वक्त अपने भविष्य को लेकर किसी भी कठिन बातचीत के लिए अनिच्छुक दिखते हैं, उनकी सारी कोशिश परिवार के सदस्यों के साथ जश्न मनाने की होती है.
लेकिन अगर आपका संबंध अपने लो प्वाइंट से गुजर रहा है तो हर दिन की चुनौतियों- मसलन कामकाजी घंटे, घर के रोजमर्रा काम और बाहर की दुनिया के लिए समय निकालना- के बीच आप असहनीय तनाव को महसूस करने लगते हैं.
इसके साथ अगर वित्तीय संकट और घरेलू दबाव भी बढ़ जाता है.( रिलेट के आंकड़ों के मुताबिक आपसी संबंधों को प्रभावित करने वाला नंबर वन कारक पैसे संबंधी चिंताएं हैं). ख़राब संबंध और ख़राब होने लगते हैं.
महीने के अंत आने तक, लोगों के दिमाग़ में क्या कुछ चलने लगता है, इस पर डैले बताती हैं, "इसमें कोई अचरज नहीं होना चाहिए कि लोग काफी असंतुष्ट हो जाते हैं और अलग होने के बारे में सोचने लगते हैं- ये केवल क्रिसमस के दौरान नहीं होता है बल्कि किसी भी छुट्टी के दौरान मिले ब्रेक पर हो सकता है."
आंकड़ों के मुताबिक गर्मी की छुट्टियों के बाद भी डायवोर्स संबंधी जानकारी जुटाने वालों की संख्या बढ़ जाती है.
नए साल की शुरुआत को भविष्य से जोड़कर देखा जाता है, लोग इसे बेहतर करने और नई शुरुआत के मौके के तौर पर भी देखते हैं.
अगर कोई ख़राब संबंध से गुजर रहा है तो बहुत संभव है कि वो वहां से अगले 12 महीने में बाहर निकलने का (शारीरिक तौर पर भी या फिर भावनात्मक तौर पर भी) का फैसला कर सकता है.
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